चकबंदी वह विधि है जिसके द्वारा व्यक्तिगत खेती को टुकड़ों में बिखरने से रोककर सुव्यवस्थित एवं संचालित किया जाता है। इस प्रक्रिया में गाँव की समस्त भूमि का सर्वेक्षण कर कृषकों के बिखरे हुए भू-खण्डों को एक स्थान पर समेकित किया जाता है, जिससे प्रत्येक कृषक को खेती योग्य एवं सुविधाजनक भूमि प्राप्त हो सके।
उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में अधिकांश कृषकों की भूमि छोटे-छोटे टुकड़ों में विभिन्न स्थानों पर फैली हुई है। कई खेत गाँव से दूर एवं दुर्गम क्षेत्रों में स्थित होने के कारण खेती करने में कठिनाई उत्पन्न होती है। चकबंदी व्यवस्था किसानों को उनकी भूमि एकत्रित रूप में उपलब्ध कराकर कृषि कार्य को सरल, व्यवस्थित एवं लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
चकबंदी से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होती है, बल्कि सिंचाई, रास्तों, भूमि प्रबंधन तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग में भी सुविधा प्राप्त होती है। यह व्यवस्था ग्रामीण विकास, कृषक हित संरक्षण तथा कृषि क्षेत्र की प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। Read More